Address1st Floor Dr KC SACHDEVA HOSPITAL, Sector 12, Karnal, Haryana 132001
Call us0184-2267235, +91 72061-06266, +91 99960-06337

Blog

Posted by Sonum IVF 24 February 2026

नवजात शिशु की सही देखभाल के लिए साफ-सफाई, सही खान-पान और उचित तापमान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

जरूरी सावधानियों और देखभाल के तरीकों में हाथ धोना, स्तनपान, सिर और गर्दन का समर्थन, नाभि की देखभाल, संक्रमण से बचाव और टीकाकरण इत्यादि आते हैं । शिशु को हमेशा पीठ के बल (सीधा) सुलाएं। सोने की जगह पर कोई भारी कंबल या तकिया न रखें ।

Read more

Posted by Sonum IVF 12 March 2026

पीरियड्स में दर्द क्यों होता है?

प्रोस्टाग्लैंडीन हॉर्मोन के कारण गर्भाशय की मांसपेशियां तेजी से सिकुड़ती हैं, जिससे ऐंठन और दर्द पैदा होता है। गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत (lining) को बाहर धकेलने के लिए दबाव बनाता है। एंडोमेट्रिओसिस में गर्भाशय के बाहर टिशू बढ़ने लगते हैं, जिससे बहुत तेज और असहनीय दर्द होता है। बच्चेदानी में होने वाली गैर-कैंसरयुक्त गांठें फाइब्रॉएड भी दर्द का कारण बन सकती हैं।

Read more

Posted by Sonum Ivf 20 April 2026

HSG टेस्ट क्यों किया जाता है?

ट्यूब ब्लॉकेज की जांच: यह देखने के लिए कि फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या बंद हैं। गर्भाशय का आकार: यूट्रस का आकार और संरचना सामान्य है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए। बांझपन (Infertility): यदि गर्भ नहीं ठहर रहा है, तो उसके कारणों का पता लगाने के लिए यह सलाह दी जाती हैं।

Read more

Posted by Sonum IVF 7 May 2026

प्रेगनेंसी के दौरान कमर में दर्द क्यों होता है ?

प्रेगनेंसी में कमर दर्द का मुख्य कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव (रिलैक्सिन हार्मोन), वज़न बढ़ना, गुरुत्वाकर्षण केंद्र बदलना (Center of Gravity), कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, गलत पोस्चर (मुद्रा) इत्यादि हैं |

Read more

Posted by Sonum IVF 25 June 2026

पीसीओडी (PCOD) को ठीक कैसे करे?

पीसीओडी (PCOD) को पूरी तरह से ठीक या नियंत्रित करने के लिए संतुलित और फाइबर युक्त भोजन, प्रोसेस्ड फूड से परहेज, नियमित एक्सरसाइज, वजन नियंत्रण, पूरी नींद लें, हाइड्रेशन और जीवनशैली, खान-पान में सुधार करना आदि सबसे प्रभावी तरीके है।

Read more

Posted by Sonum IVF 18 July 2026

गर्भपात (Miscarriage) कब बार-बार होता है?

अधिकांश गर्भपात गर्भावस्था के पहले 12 से 13 सप्ताह के भीतर यानी पहली तिमाही में होते हैं। इसका सबसे आम कारण भ्रूण में गुणसूत्रों (Chromosomes) की असामान्यता या गड़बड़ी होना है, जिससे बच्चे का सही विकास नहीं हो पाता। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड, संक्रमण या गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं |

Read more